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संबल योजना गरीबों के लिये जीवनदान से कम नहीं है: अप्पासाहेब पांडुले
इंदौर. इंदौर नगर की तंग बस्ती नई जीवन की फेल में श्रमिक दिगम्बर का परिवार रहता है। श्री दिगम्बर ने वर्ष 2017 में मुख्यमंत्री असंगठित श्रमिक जन कल्याण (संबल) योजना अंतर्गत नगर निगम में पंजीयन कराया था। दुर्भाग्य से उनकी पत्नी सावित्री बाई (55 वर्ष) का 16 मई, 2018 को निधन हो गया। श्री दिगम्बर ने नगर निगम के झोन आफिस में संपर्क किया।
कर्मचारियों द्वारा उन्हें बताया गया कि नगर निगम के शहर गरीबी उपशमन विभाग से उन्हें मुख्यमंत्री जन कल्याण (संबल) योजना के तहत दो लाख रूपये अनुग्रह राशि मिल सकती है। उन्होंने निधारित प्रपत्र में पत्नी सावित्री का मृत्यु प्रमाण-पत्र और फोटो सहित नगर निगम के झोनल कार्यालय में आवेदन प्रस्तुत किया।
परीक्षण उपरांत उन्हें एक माह बाद मुख्यमंत्री असंगठित श्रमिक जन कल्याण (संबल) योजना के तहत दो लाख रूपये की अनुग्रह सहायता राशि का चेक प्रदान किया गया। इस राशि का श्री दिगम्बर ने बुढ़ापे में सहारे के लिये बैंक में एफडी कर दी है। इनके 2 पुत्र 4 पुत्रियां हैं यानी कुल 6 बच्चे हैं। श्री दिगम्बर इंदौर जिले में मजूदरी करते हैं।
चर्चा के दौरान उनके पुत्र अप्पासाहेब दिगम्बर पांडुले ने बताया कि हमारा परीवार 40 साल पहले महाराष्ट्र के ओरंगाबाद जिले से इंदौर आ गया था और अब यहीं बस गया है। मैं और मेरे भाई इंदौर में प्रायवेट कंपनी में सेल्समैन का काम करते हैं। उन्होंने कहा कि राज्य शासन मुख्यमंत्री असंगठित श्रमिक जन कल्याण (संबल) योजना चलाकर गरीबों का बड़ा उपकार किया है।
यह योजना गरीबों के लिए डूब्ते को तिनके का सहारा साबित हो रहा है। माँ सावित्री बाई मरने पर हम लोग बहुत दुखी थे। यह राशि मिलने पर हमें बहुत सहारा मिला है। यह राशि मेरे पिता श्री दिगम्बर जी के पास ही है। हम भाई बहनों ने इस राशि पर न तो दावा जताया और न तो बटवारा किया। हम मुख्यमंत्री श्री शिवराजसिंह चौहान के शुक्रगुजार हैं। संबल योजना विपत्ति में गरीबों के लिये जीवनदान से कम नहीं है।


